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Saturday, October 24, 2020
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कोविड-19 और बच्चों में मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम – Multisystem inflammatory syndrome in Children in hindi



हम सभी लोग अब तक इस बात को अच्छी तरह से जान गए हैं कि कोविड -19, नए कोरोनावायरस संक्रमण, दूसरों की तुलना में बुजुर्गों और लंबे समय से बीमार लोगों को ज्यादा गंभीर रूप से प्रभावित करता है। बावजूद इसके, कोविड -19 महामारी के इस समय के बच्चों में बहुत तेजी से एक नई हाइपर इन्फ्लेमेटरी अल्ट्रा देखने को मिल रहा है जो चिंता का कारण बनता जा रहा है। इसका नाम मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेटरी हाइब्रिड इन चिल्ड्रेन (एमआईएस-सी) या पिपेट्रिक मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेटरी अल्ट्रा (पीएमआईएस) है।

इस नए परमाणु के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए विश्व के वैज्ञानिक समुदाय का आह्वान करते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने 15 मई 2020 को एक बार फिर जवाब दिया कि भले ही बच्चों को को विभाजित -19 संक्रमण का खतरा कम हो और इंफेक्शन होने पर उनमें। कोविड -19 के हल्के लक्षण ही नजर आते हैं लेकिन इन दिनों ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिनमें बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। इन बच्चों में कोविद -19 की गंभीर बीमारी के साथ हाइपर-इनफ्लेमेटरी सिंड्रोम के कारण एक साथ कई भागों का काम करना बंद कर देना और शॉक की स्थिति देखने को मिल रही है।

(और पढ़ें: को -19 महावीर के हल्के और गंभीर लक्षणों के बारे में जानें)

दरअसल, जुलाई 2020 में मुंबई के एक अस्पताल में कोविड -19 संक्रमण की वजह से भर्ती होने वाले 100 बच्चों में से 18 बच्चों में पीएमआईएस के निम्नलिखित लक्षण थे:

एमआईएस-सी उन बच्चों में बीमारी के खराब नतीजों से जुड़ा है, जिन्हें को विभाजित -19 का संक्रमण हुआ है या पहले कभी हुआ था। यह क्रिया रक्त वाहिकाओं के साथ ही शरीर की कई प्रणालियों और तंत्रों को भी प्रभावित कर सकती है जैसे कार्डियोवास्कुलर या हृदयवाहिनी तंत्र, शोधन तंत्र, श्वसन तंत्र, श्लेष्मत्वचीय झिल्ली (त्वचा और श्लेष्म झिल्ली) और हीलोलॉजिकल यानी रक्त संबंधी तंत्र।

मौजूदा समय में डॉ। इस न्यूर से पीड़ित बच्चों का इलाज अंतःशिरा (इंट्राविनस) इम्यून ग्लोबुलिन, ग्लूकोकोर्टिकैन्डिल्स, इंटरवेलुकिन -6 (आईएल -6) इन्हीबिटर्स जैसे – टोसिलिजुमैतब और सिल्टुक्सीमाताब या 1 आरए इन्हीबिटर्स जैसे- नैसीनिन कर रहे हैं। इस विविधता से पीड़ित कई बच्चों को आईसीयू की जरूरत होती है, तो कुछ बच्चों को वेंटिलेटर या ईएमओ (एक्सट्रॉकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सिजेनेशन) के माध्यम से ऑक्सीजन सपोर्ट की भी आवश्यकता पड़ सकती है।

(और पढ़ें: क्या को विभाजित -19 इंफेक्शन फैलाने में मौन भूमिका निभा रहे हैं बच्चे)

एमआईएस-सी के बच्चों में कोविड -19 संक्रमण की गंभीर बीमारी जिसका समय पर इलाज न हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। एमआईएस-सी के बारे में आपको ये बातें जानना जरूरी है।





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